हमारे बारे में

विभाग अंतर्गत 02 विभागाध्यक्ष कार्यालय है:-
1)विकास आयुक्त
2) पंचायत संचालनालय।

विकास आयुक्त -

विभागाध्यक्ष विकास आयुक्त की स्थापना में राज्य स्तर पर निम्न अधीनस्थ संस्थाएं है -

1.विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन(ग्रामीण)
2. सामाजिक अंकेक्षण इकाई
3. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण
4. राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन
5. रूर्बन मिशन
6. स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण
7. छत्तीसगढ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण
8. ग्रामीण सड़क नेटवर्क प्रबंधन इकाई (RCTRC)
9. प्रशिक्षण संस्थाएं- ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान

प्रशिक्षण संस्थाओं को छोड़कर उपरोक्त सभी योजनाओं हेतु भारत सरकार से ग्रामीण विकास हेतु बजट प्राप्त होते हैं, जिसमे राज्यांश के अंश भी शामिल होते है। उपरोक्त सभी कार्यालयो हेतु पृथक-पृथक सेटअप स्वीकृत है, साथ ही इनकी शाखाएं जिलों में भी अवस्थित है। विभागाध्यक्ष अंतर्गत प्रशासनिक अमले के अलावा तकनीकी अमले भी है, जो ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधीन कार्य करते है, जिनके माध्यम से निर्माण कार्यो के बेहतर क्रियान्वयन हेतु तकनीकी सहायता दी जाती है।

पंचायत संचालनालय -

लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण की अवधारणा को मूर्तरूप देने हेतु राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायतीराज व्यवस्था लागू की गई है। संविधान में पंचायतों की संकल्पना स्वशासन की ऐसी संस्था के रूप मे की गई है, जो संविधान की 11वी अनुसूची में उल्लेखित 29 विषयों पर आर्थिक विकास एवं सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने एवं उनके क्रियान्वयन मे सक्षम हो। इस हेतु छत्तीसगढ़ पंचायतीराज अधिनियम 1993 की धारा 49, 50 एवं 52 पर क्रमशः ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायतों को दायित्व एवं शक्तियां सौंपे गए है।
पंचायत संचालनालय द्वारा म मुख्यतः 15वें वित्त आयोग, जन योजना अभियान, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, मुख्यमंत्री पंचायत सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, त्रि-स्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं का क्षमता विकास योजना, मुख्यमंत्री आंतरिक गली विद्युतीकरण योजना, जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत विकास निधि, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण, स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना आदि के कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराये जाते है। पंचायत संचालनालय जिला पंचायतों, जनपद पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण हेतु मार्गदर्शी संस्था है।