पंचायतराज अधिनियम के अंतर्गत मुद्रांक शुल्क, जिला स्तरीय पंचायतराज निधि का गठन

पंचायतराज अधिनियम 1993 के अंतर्गत बनाये गये नियमों के अधीन मुद्रांक शुल्क की वसूली पंजीयन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष की जाती है। दिनांक 1 अक्टूबर, 1998 से प्रत्येक जिले में जिला पंचायतराज निधि की स्थापना की गयी है। भू-राजस्व तथा पंचायत उपकर जिला स्तर पर बनायी गर्इ इस निधि में जमा होने के पश्चात विहित प्रक्रियानुसार पंचायतों में राशि वितरित की जाती है। मुद्रांक शुल्क की राशि पंजीयन विभाग द्वारा राज्य स्तर पर संचित निधि में जमा की जाती है, जिसे विहित प्रक्रियानुसार जनपद पंचायतों को वितरित किया जाता है। इस मद में प्राप्त राशि से जनपद पंचायत के कर्मचारियों को वेतन भत्तों का भुगतान किया जाता है। वर्ष 2013-14 में रूपये 60 करोड़ का प्रावधान किया गया। वर्ष 2014-15 में भी रूपये 75 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।