पंचायतराज अधिनियम में संशोधन

पूर्व में प्रदेश में संभागायुक्त कार्यालय समाप्त किये जाने के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम, 1995 तथा छत्तीसगढ़ पंचायत (अपील तथा पुनरीक्षण) नियम, 1995 में कतिपय मामले में संभागायुक्त के स्थान पर संचालक, पंचायत को अधिकार सौंपे गये थे। संभागायुक्त कार्यालय पुन: प्रारंभ होने के फलस्वरूप उक्त नियमों में संशोधन करते हुए संचालक, पंचायत को सौंपे गये अधिकार संभागायुक्त को सौंप दिये गये है।

छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम एवं नियम में संशोधन हेतु राज्य स्तर पर विभागीय समिति गठित की गर्इ है। समिति के प्रतिवेदन अनुसार पंचायत राज व्यवस्था को और सशक्त करने का प्रयास किया जायेगा।