पंचायतों की अंकेक्षण व्यवस्था

वित्तीय संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिशिचत करने के लिए पृथक एवं स्वतंत्र आडिट दल के गठन का प्रावधान अधिनियम में है। छत्तीसगढ़ गठन पश्चात पंचायतों के लेखाओं का आडिटसंपरीक्षा संचालनालय, स्थानीय निधि संपरीक्षा को सौंपी गर्इ है। वित्तीय वर्ष 2011-12 से भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कर्तव्य, शकितयां एवं सेवा की शर्ते) अधिनियम 1971 (1971 का 56) की धारा 20 की उपधारा (1) के अंतर्गत लेखाओं की सांकेतिक परीक्षा करने एवं वैधानिक लेखा परीक्षक के प्रतिवेदन पर अभिमत देने तथा अनुपूर्ति करने का अधिकार सौपा गया है। इस कारण पंचायत विभाग के आडिट दल से आंतरिक लेखा परीक्षण का कार्य लिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2012-2013 में 9734 ग्राम पंचायतों में से 7553 ग्राम पंचायतों का अंकेक्षण सम्पन्न किया गया है तथा वर्ष 2013-2014 में 9717 ग्राम पंचायतों में से माह मार्च 2014 तक 8776 ग्राम पंचायतों का अंकेक्षण सम्पन्न किया गया है, शेष 941 ग्राम पंचायतों का अंकेक्षण पूर्ण करने हेतु जिलेेवार कार्य योजना तैयार कर भेजा गया है।