इंदिरा आवास योजना

आवास मनुष्य की अनिवार्य आवश्यकता है । ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे आवासहीन परिवारों को आवास निर्माण हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उददेश्य से इंदिरा आवास योजना प्रारंभ की गयी है। वर्तमान में इस योजना के केन्द्रांश और राज्यांश का अनुपात 75:25 है ।

उददेश्य : :-

इनिदरा आवास का उददेश्य ग्रामीण क्षेत्र में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले आवासहीन परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराना है ।

प्रमुख बिन्दु:-

1. यह केन्द्र प्रवर्तित योजना है । भारत सरकार 75 प्रतिशत व राज्य सरकार 25 प्रतिशत राशि उपलब्ध कराती है ।

2. जिलेवार राशि का निर्धारण भारत सरकार द्वारा किया जाता है ।

3. आवासों का निर्माण स्वयं हितग्राही द्वारा किया जाता है । हितग्राहियों को राशि जिला पंचायत द्वारा बैंकपोस्ट आफिस के माध्यम से उपलब्ध करायी जाती है ।

4. आवासों के निर्माण हेतु कोर्इ डिजार्इन निर्धारित नहीं है सिवाय इसके कि आवास का कुर्सी क्षेत्र 20 वर्गमीटर होना चाहिये । आवास इस अर्थ में पक्का होना चाहिए, कि रख-रखाव से कम से कम 30 वर्ष तक सामान्य टूट-फूट को सहन कर सके। छत स्थार्इ सामग्री की होनी चाहिए।

5. गार्इडलार्इन के अनुसार न्यूनतम 60 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों के आवास निर्माण पर उपयोग करने का प्रावधान है। इसके अलावा राशि का 15: अल्पसंख्यकों के लिए एवं 3: नि:शक्तजनों के लिये भी उपयोग किया जाना प्रावधानित है ।

6. प्राकृतिक प्रकोप से निपटने के लिए 5: निधि भारत शासन स्तर पर सुरक्षित रखी जाती है । इसके लिए प्रस्ताव जिला पंचायत द्वारा शासन को भेजे जाते हैं ।

7. आवास, पत्नी अथवा संयुक्त रूप से पति और पत्नी के (विधवाअविवाहितअलग रह रहे व्यकित के मामले को छोड़कर) नाम से आबंटित होना चाहिये ।

8. आवास के निर्माण के साथ-साथ स्वच्छ शौचालय (स्वच्छ भारत अभियानमनरेगा) बनाया जाना अनिवार्य है ।

9. वर्ष 2013-14 से सामान्य क्षेत्र में इंदिरा आवास की इकार्इ लागत रू. 70,000- एवं डिफिकल्ट एरिया (प्।च् जिलाें) के लिए रू. 75,000- निर्धारित है ।

10. इंदिरा आवास योजनांतर्गत राज्य शासन के पत्र दिनांक 11.01.2015 के अनुसार ग्राम स्तर पर हितग्राहियों के स्वीकृति आदेश जारी किये जाने से लेकर आवास निर्माण कार्य पूर्ण होने तक कार्य की निगरानी, पर्यवेक्षण एवं अन्य संबंधित कार्यवाहियों का सम्पादन रोजगार सहायक द्वारा कराया जा सकेगा। इस हेतु उन्हें रू. 150 प्रति आवास, इंदिरा आवास योजना के प्रशासनिक मद की राशि से भुगतान किया जावेगा।

11. भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय नर्इ दिल्ली के पत्र दिनांक 13.11.2014 के द्वारा इंदिरा आवास योजना के गार्इडलार्इन की कंडिका 4 (1) में संशोधन किया गया है। इसमें सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत माननीय सांसदों द्वारा चयनित ग्राम पंचायत को वरीयता के आधार पर कवर किये जाने हैं।

12. इंदिरा आवास योजना की गार्इडलार्इन की कंडिका 3.2.5 के अनुसार केन्द्रीय स्तर पर 5: निधियां आरक्षित रखी जाती हैं। इसमें से प्राकृतिक आपदा, हिंसा और विधि व्यवस्था से संबंधित समस्याओं से प्रभावित बी.पी.एल. परिवार, मुक्त बंधुआ मजदूर आदि के पुर्नवास हेतु विशेष परियोजना स्वीकृत की जाती है।

हितग्राहियों का चयन :-

हितग्राहियों का चयन बी.पी.एल. सर्वेक्षण के आधार पर निर्मित इंदिरा आवास प्रतीक्षा सूची से किया जाता है। सभी को लाभानिवत करने के उददेष्य से निम्नलिखित श्रेणियों को शामिल किया जाता है :-

1. पी.टी.जी (Primitive Tribal Group) ।

2. वन अधिकार अधिनियम के लाभार्थी परिवार।

अलग-अलग स्थानों पर रह रहे परिवारों को शामिल करने के दृषिटकोण से-पहली वरीयता मैला ढोनेे वाले परिवार को दी जावेगी, जिनमें पुनर्वासित व्यकित एवं पुनर्वासित बंधुआ मजदूर शामिल होंगे। ततपश्चात निम्नानुसार वरीयता दी जाती है :-

1. विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्त महिलाओं सहित विषम परिसिथतियों में जीवन बसर कर रही महिलाएं, अत्याचार से पीडि़त महिलाएं तथा ऐसी महिलाएं जिनके पति कम से कम तीन वर्षों से लापता हैं और महिला प्रधान परिवार ।

2. इकलौती बेटी वाले परिवार

3. मानसिक रूप से विकलांग व्यकित (कम से कम 40 प्रतिशत विकलांगता) ।

4. शारीरिक रूप से विकलांग व्यकित (कम से कम 40 प्रतिशत विकलांगता) ।

5. सशस्त्र कार्रवार्इ में मारे गए सेनापैरामिलिट्रीपुलिस बल कर्मियों की विधवाएं और निकट संबंधी (चाहे बी.पी.एल. न भी हों)।

6. कुष्ठ या कैंसर से पीडि़त सदस्य वाले परिवार।

7. एच.आर्इ.व्ही. से संक्रमित परिवार।

8. ट्रांसजेन्डर व्यकित।

9. अन्य बेघर बीपीएल परिवार।

योजना कि्रयान्वयन की प्रकि्रया :-

(योजना का कि्रयान्वयन जिला पंचायत के माध्यम से किया जाता है । जिला पंचायत को निर्धारित भौतिक लक्ष्यों के अनुसार राशि उपलब्ध करायी जाती है । जिला पंचायत द्वारा लाभार्थी को राशि तीन किश्तों में बैंकपोस्ट आफिस या उनके द्वारा संधारित बचत खाते के माध्यम से उपलब्ध करार्इ जाती है, जिससे वह अपना आवास स्वयं निर्माण करता है ।