सामाजिक अंकेक्षण इकार्इ

छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकार्इ का उददेश्य एक मजबूत संसाधन आधार विकसित करने हुये सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया को बढ़ावा देना और मजबूत करना है और इस प्रकार सामाजिक अंकेक्षण राज्य में शासन का एक अभिन्न अंग बन गया है।

सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना कार्य, ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में किये गये है। सर्वेक्षण में जाति एवं धर्म का भी सर्वेक्षण किया गया है, जिसका उपयोग केवल भारत के महापंजीयक द्वारा सांखियकीय कार्यो के लिए किया जावेगा। जाति एवं धर्म की जानकारी अन्य जानकारियों की तरह सार्वजनिक नहीं की जावेगी।

समाजिक अंकेक्षण इकार्इ के उददेष्य:-

1) राज्य में सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को मजबूत एवं सुदृृढ़ बनाना ताकि सामाजिक अंकेक्षण स्वशासन का अभिन्न अंग बन सकें।

2) यह सुनिशिचत किया जाए की सभी हितधारकोपदाधिकारियों सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया की शुद्धता को बनाए रखे।

3) समाजिक अंकेक्षण एवं इसको क्रियानिवत करने वाली ऐजेंसियां सरकारी प्रशासन की मुख्य धारा से अलग एक स्वायत्त प्रक्रिया होती है।

4) यह इकार्इ ग्रामीण विकास सम्बनिधत योजनाओं एवं गरीबों को लाभानिवत करने वाली अन्य कल्याणकारीविकासीय कार्यक्रमों का सामाजिक अंकेक्षण करने के लिए उत्तरदायी है।