सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना 2011

भारत सरकार के निर्देशानुसार गरीबी रेखा से नीचे (ठच्स्) परिवारों की पहचान के लिए प्रदेश में सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 का कार्य संपन्न कराया जा रहा है। इसके लिए तकनीकी एवं आर्थिक सहायता भारत सरकार द्वारा उपलब्ध करार्इ गर्इ है। भारत सरकार द्वारा इस कार्य हेतु राज्य के लिए राशि रू. 34.31 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। अब तक राशि रू. 32.59 करोड़ का आबंटन प्राप्त हो चुका है।

सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना कार्य, ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में किये गये है। सर्वेक्षण में जाति एवं धर्म का भी सर्वेक्षण किया गया है, जिसका उपयोग केवल भारत के महापंजीयक द्वारा सांखियकीय कार्यो के लिए किया जावेगा। जाति एवं धर्म की जानकारी अन्य जानकारियों की तरह सार्वजनिक नहीं की जावेगी।

सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 हेतु प्रदेश में जनगणना 2011 में निर्धारित ''गणना ब्लाकको इकार्इ रूप में माना गया है, तदानुसार प्रदेश में कुल 49,169 गणना ब्लाक चिन्हांकित है। इस बार सर्वेक्षण आंकड़े इलेक्ट्रानिक स्वरूप में सीधे भ्ंदक ीमसक कमअपबम(टेबलेट पी.सी) पर अपलोड किये गये हैं, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा अधिकृत सार्वजनिक उपक्रम भारत इलेक्ट्रानिक लिमि. (ठम्स्) संस्था द्वारा उपकरण (टेबलेट पी.सी) एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध करार्इ गर्इ है।

सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 अन्तर्गत प्रथम चरण मेंप्रगणक तथा पर्यवेक्षक स्तरीय प्रगणनाएवं सत्यापन एवं संशोधन कार्य पूर्ण कराया जा चुका है।सर्वेक्षण कार्य पूर्व 18 जिलों के आधार पर कराये गये है।आगामी चरण में प्रारूप सूची प्रकाशन एवं दावा आपतित प्रक्रिया सम्पन्न करायी जा रही है।

सभी जिलों में सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना, 2011 अन्तर्गतप्रारूप सूची का प्रकाशन कराया जा चुका है तथासंपूर्ण प्रदेश में दावा आपतित प्रक्रिया 18 मार्च 2015 तक सम्पन्न कराया जाना प्रस्तावित है। प्रकाशित प्रारूप सूची में सर्वेक्षित परिवार की (जाति एवं धर्म की जानकारी को छोड़कर) पूर्ण जानकारी प्रदर्शित की गयी है। दावा आपतित के लिए प्रारूप सूची संबंधित जनपदनगर पंचायत, ग्राम पंचायतवार्ड एवं एक अन्य सहज दृश्य स्थलों पर सार्वजनिक अवलोकन के लिए प्रदर्शित किया गया है।

प्रारूप सूची के आधार पर प्राप्त दावाआपतित का निराकरण निर्धारित अवधि पूर्ण कर अनितम सूची का प्रकाशन भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रकाशन किया जावेगा। सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना संबंधी सभी प्रक्रिया माह अप्रैल 2015 अंत तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है।